
Satna News: बारिश में जल संरक्षण, पौधरोपण और जल स्त्रोतों को पुन: जीवंत बनाने के लिए जिला प्रशासन औद्योगिक प्रतिष्ठानों की मदद लेगा। कलेक्टर डा.सतीश कुमार एस की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित एक संयुक्त बैठक में यह निर्णय लिया गया। कलेक्टर ने कलेक्टर ने सभी औद्योगिक संस्थान एवं उद्योग संघ से एक-दो दिन में पौधरोपण की कार्ययोजना मांगी है।
समन्वय का जिम्मा एमपीआईडीसी और जिला उद्योग केंद्र को सौंपा गया है। कलेक्टर ने बताया कि बारिश के दौरान जिले में 25 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य है। उन्होंने सभी से सक्रिय भागीदारी का आग्रह किया। बताया गया कि असफल बोरों को ग्राउंड वाटर रिचार्ज पिट के रूप में उपयोग करने की भी योजना है।
ग्रीन कॉरिडोर की योजना
बैठक में प्रिज्म सीमेंट ने बताया कि उनके परिसर में 1 लाख पौधे लगाए जाएंगे। सतना उद्योग संघ ने इको पार्क बनाया है। शहरी क्षेत्र में रूफ वाटर हार्वेस्टिंग की संरचनाएं बनाई जाएंगी। लघु उद्योग भारती इंडस्ट्रियल एरिया में ग्रीन कॉरिडोर बनाएगी। जहां 6 हजार पौधे लगाए जाएंगे। राइस मिल एसोसिएशन ने बताया कि जमीन नहीं होने पर पौधों की व्यवस्था की जाएगी।
कलेक्टर ने कहा कि औद्योगिक संस्थान अपनी रिक्त भूमि और माइन्स एरिया में सघन पौध रोपण कर सकते हैं। जिन व्यापारिक और औद्योगिक संस्थानों के पास भूमि उपलब्ध न हो तो वे सीएसआर मद से पौधे उपलब्ध करा सकते हैं।
ये भी थे मौजूद
अपर कलेक्टर स्वप्निल वानखडे, सहायक कलेक्टर अनिकेत शांडिल्य, एसडीएम आरएन खरे, एलआर जांगड़े, प्रिज्म सीमेंट के मनीष सिन्हा, यूसीएल के एमपी त्रिपाठी, उद्योग के जीएम आरएल पांडेय, एमपीआईडीसी के आरके सिंह, जिला खनिज अधिकारी एचपी सिंह, बेला सीमेंट के रमेश विश्वकर्मा, रिलायंस इंडस्ट्री से चंदन कुमार, बिरला कारपोरेशन से आरके गिरि, उद्योग संघ के मनवीर ओबरॉय और लघु उद्योग संघ के नयनदीप सिंह सेठी भी मौजूद थे।