
New Delhi News. इंडियन वैजीटेबल ऑयल प्रोड्युसर्स एसोसिएशन (आईवीपीए) ने बुधवार को सरकार से आग्रह किया कि वह खाद्य तेलों के लिए मानकीकृत पैकेजिंग आवश्यकताओं को बहाल करे ताकि पारदर्शिता और उपभोक्ता विश्वास में सुधार किया जा सके। इससे पहले खाद्य तेलों को कानूनी माप विज्ञान (पैकेज्ड कमोडिटीज) संशोधन नियम 2021 के अनुसार यूनिट सेल प्राइस की घोषणा को अनिवार्य किया गया था। इसके बाद एक संशोधन के माध्यम से लीगल मेट्रोलॉजी (पैकेज्ड कोमोडिटीज़) नियम, 2022 के द्वारा अनुसूची 2 को हटा दिया गया, जिसमें कोमोडिटीज़ को विशिष्ट मात्रा में पैक करना अनिवार्य था, इस प्रकार बाज़ार में गैर-मानकीकृत पैकेजिंग को बढ़ावा मिला।
इससे प्रोड्युसर्स को अपनी इच्छानुसार पैकिंग की अनुमति मिल गई और उम्मीद की गई जल्द ही बाज़ार में स्थिरता आ जाएगी और उपभोक्ताओं में युनिट सेल प्राइस के बारे में जागरुकता बढ़ेगी और गैर-मानक पैकिंग की समस्या हल हो जाएगी। आईवीपीए का कहना है कि मानक पैक साइज को फिर से लागू करना उपभोक्ता के हित में मजबूत कदम होगा। यह पारदर्शिता, कारोबार की निष्पक्ष प्रथाओं और उपभोक्ता सशक्तीकरण के सरकार के लक्ष्यों के अनुरूप है।