
Shahdol News: कुछ महीने के अंतराल में ही नकली नोट मिलने का मामला सामने आया है। दो दिन पहले सोहागपुर थाना क्षेत्र के ग्राम जमुई निवासी किसान सूर्यांश सिंह बघेल कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित इंडियन बैंक में एक लाख रुपए जमा कराने पहुंचे थे, जिसमें 500 के 11 नकली नोट भी थे। बीते माह भी ऐसा ही मामला सामने आया था जब एक युवक एटीएम मशीन में नोट जमा करा रहा था, उस दौरान भी मशीन ने बैंक को अलार्म बजाकर यह जानकारी दी की एटीएम में नकली नोट भी हैं।
शहर में जिस प्रकार से नकली नोट मिलने के मामले सामने आ रहे हैं उससे लगने लगा है कि यह अवैध कारोबार फल फूल रहा है। नियमानुसार पुलिस द्वारा उस व्यक्ति के खिलाफ प्रकरण तो दर्ज कर लिया जाता है जिसके पास नकली नोट मिले, लेकिन नकली नोट कहां से और कैसे आ रहे हैं इस दिशा में पुलिस को सफलता नहीं मिल रही है। हाल ही में सामने आए दोनों मामलों में पुलिस की जांच पड़ताल केवल एफआईआर तक ही सीमित होकर रह गई है।
आम जनता हो रही परेशान-
जिस व्यक्ति के पास नकली नोट मिलते हैं पुलिस द्वारा उसके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर लेती है। कोतवाली में सूर्यांश बघेल के विरुद्ध भी बीएनएस की धारा 179 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। गत माह एटीएम वाले मामले में भी एफआईआर दर्ज की गई थी। लोगों का कहना है कि नकली नोट की पहचान करना मुश्किल होता है।
डर बना रहता है कि यदि बैंक में जमा कराते समय नकली निकले तो उनके विरुद्ध पुलिस मामला दर्ज कर लेगी। यदि पुलिस उस स्रोत का पता लगा ले कि आखिर नकली नोट आ कहां से रहे हैं तो बहुत हद तक राहत मिल सकती है।
इनका कहना है
यह बात सही है कि नकली नोट के मामले सामने आ रहे हैं, जिनके पास नोट मिले हैं उनके द्वारा बताए जाने के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। प्रयास है कि मुख्य जड़ तक पहुंचा जाए।
राघवेंद्र तिवारी, कोतवाली प्रभारी